शोर!

आज फिर लड़ने का दिन था,एक आख़िरी बार,बस पार निकल जाऊँगी मैं,इस शोर के उस पार।कैसा शोर?कैसी आवाजें?चारों तरफ है क्या,कुछ दीवार, कुछ दरवाजे।शोर तो…

कैसा है तुम्हारा विश्वास?

तुम्हारे मन में बस्ता कौन,किसकी तुम पूजा करो।किसकी पूजा को तुम धर्म कहो,किसकी अर्चना को विश्वास कहो।ये सब क्या तुम्हारा नहीं?ये पराया कैसे होने लगा…

रावन कौन?

हर गली गलियारे में, मंदिर में, पाठशालाओं में,राम की जय जय कार है, माँ सीता की जय कार है।पढ़ी रामायण सबने, विस्तार में उसका बखान…

गुण अनोखा

खूबियां बहुत दी उपर वाले ने सबको,पर एक खूबी बस कुछ इंसानों को ही दी,पाना सिखाया सबको,इंतजार का हुनर गिने चुनो को ही दी।अब तुम…