क्यूँ लिखती हो तुम,इसमें रखा क्या है।यह दुनिया है कैसी, लिख कर करना क्या है,दो पल इस जहां से दूर,रोजमर्रा से हट कर,खुद को बहलाने…
Grain for Brain
क्यूँ लिखती हो तुम,इसमें रखा क्या है।यह दुनिया है कैसी, लिख कर करना क्या है,दो पल इस जहां से दूर,रोजमर्रा से हट कर,खुद को बहलाने…