बाहों में संघार लिए, और आँखों में जीत की कहानियाँ, चट्टान सा शरीर लिए, चेहरे अनेक भिड़ंत की निशानियां। गरज के बोला आदमी, सुन ले…
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उस घर के बरामदे में मोगरे आज भी खिले थे,गमलो में ताज़ा पानी भी दिया था।दरवाज़े पर पहुँचे तो वही “शुभ लाभ” लटके थे,और कुमकुम…
और फिर एक किताब सी ही तो हो तुम,ज़रा सी हवा में बेचैन हो उठती हो,दुनिया भर की बातें हैं तुम्हारे मन में,पर बिना पूछे…
खोज चल अब आज खुद को,चल थोड़ा जोर लगा,अगर नाखुश है दुनिया के नाम से,तो चल खुद ही अपना नाम बता। कौन है? क्यूँ है?ये…
To know that we move on,That we leave behind things,Once and for all,That’s a beautiful thought,But just a thought. If that night was heavy on…
