खुल के हसते हो क्या?मन से खिलते हो क्या?पूछा फूलों से जिन्हें खिले अब समय हुआ,कलियां थी कभी पर काम खत्म हुआ,फूल से बेल होने…
Grain for Brain
खुल के हसते हो क्या?मन से खिलते हो क्या?पूछा फूलों से जिन्हें खिले अब समय हुआ,कलियां थी कभी पर काम खत्म हुआ,फूल से बेल होने…